समाजवादी पार्टी का पंजाब चुनावों में प्रदर्शन (1997-2022)

समाजवादी पार्टी का पंजाब विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन (1997-2022)

समाजवादी पार्टी (एसपी) का पंजाब विधानसभा चुनावों में 1997 से 2022 तक का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। इस अवधि में पार्टी ने कई चुनावों में हिस्सा लिया, लेकिन एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई। साथ ही, कुल वोटों में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम रही कि इसे हर साल 0.0% के रूप में दर्ज किया गया। आइए इसके प्रदर्शन को विस्तार से देखें:

चुनावी प्रदर्शन का अवलोकन

·         1997:

o    2 सीटों पर चुनाव लड़ा।

o    0 सीट जीती।

o    1,135 वोट मिले (कुल वोटों का 0.0%)

o    सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी।

·         2002:

o    6 सीटों पर चुनाव लड़ा।

o    0 सीट जीती।

o    3,967 वोट मिले (कुल वोटों का 0.0%)

o    सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी।

·         2007:

o    6 सीटों पर चुनाव लड़ा।

o    0 सीट जीती।

o    4,860 वोट मिले (कुल वोटों का 0.0%)

o    सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी।

·         2022:

o    18 सीटों पर चुनाव लड़ा।

o    0 सीट जीती।

o    5,212 वोट मिले (कुल वोटों का 0.0%)

o    सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी।

हालांकि समय के साथ पार्टी ने अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेखासकर 2022 में 18 सीटों परलेकिन इसका वोट शेयर कुल वोटों की तुलना में नगण्य ही रहा। उदाहरण के लिए, 2022 में 1,54,53,412 वोटों में से केवल 5,212 वोट मिले, जो इसके प्रभाव की कमी को दिखाता है।

उम्मीदवारों का प्रदर्शन

एसपी के उम्मीदवार हर चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन करते रहे हैं। वे अक्सर 5वें या उससे नीचे के स्थान पर रहे और उनके वोट शेयर ज्यादातर 1% से भी कम रहे:

·         1997:

o    दो उम्मीदवार 5वें स्थान पर रहे।

o    वोट शेयर: 0.8% (लुधियाना पूर्व) और 0.9% (पटियाला टाउन)

·         2002:

o    छह उम्मीदवार 4वें से 9वें स्थान पर रहे।

o    वोट शेयर: 0.4% से 2.0%

o    सबसे बेहतर प्रदर्शन: सुचा सिंह जोहल (नकोदर) ने 2.0% वोट हासिल किए।

·         2007:

o    छह उम्मीदवार 4वें से 10वें स्थान पर रहे।

o    वोट शेयर: 0.2% से 1.1%

o    सबसे बेहतर प्रदर्शन: राजू कुमार (लांबी) ने 1.1% वोट हासिल किए।

·         2022:

o    अठारह उम्मीदवार 6वें से 15वें स्थान पर रहे।

o    वोट शेयर: 0.1% से 0.7%

o    सबसे बेहतर प्रदर्शन: सुखविंदर सिंह (शुतराना) ने 0.7% वोट हासिल किए।

हर चुनाव में सभी उम्मीदवारों का जमानत खोना (कुल वोटों का छठा हिस्सा भी हासिल कर पाना) उनके कमजोर प्रदर्शन को और साफ करता है।

लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन (2004-2014)

 
चुनावी प्रदर्शन का अवलोकन

 

वर्ष

उम्मीदवार

जीत

दूसरा स्थान

 

तीसरा स्थान

जमानत खोई (FD)

कुल वोट

एसपी वोट

वोट %

2014

1

0

0

 

0

1

1,37,86,378

922

0.0%

2009

6

0

0

 

0

6

1,18,29,304

17,494

0.1%

2004

2

0

0

 

0

2

1,02,29,072

3,350

0.0%

लोकसभा चुनावों में भी पार्टी का वोट शेयर नगण्य रहा। 2009 में 6 सीटों पर लड़ने के बावजूद, कुल वोटों का केवल 0.1% ही हासिल कर पाई।

उम्मीदवारों का प्रदर्शन
2004 लोकसभा चुनाव

 

स्थान

उम्मीदवार

 

लोकसभा क्षेत्र

राज्य

मतदाता

वोट पड़े

मतदान %

एसपी वोट

वोट %

9

साधोन सिंह

 

लुधियाना

पंजाब

15,60,468

8,69,922

55.8%

2,368

0.3%

10

हरबंस लाल महाजन

 

अमृतसर

पंजाब

12,92,902

7,11,808

55.1%

982

0.1%

 
2009 लोकसभा चुनाव

 

स्थान

उम्मीदवार

लोकसभा क्षेत्र

राज्य

मतदाता

वोट पड़े

मतदान %

एसपी वोट

वोट %

7

बलविंदर सिंह

आनंदपुर साहिब

पंजाब

13,38,596

9,04,606

67.6%

3,747

0.4%

7

प्रेम सिंह

फरीदकोट

पंजाब

12,88,090

9,30,521

72.2%

3,133

0.3%

7

सुखवंत शारदा

गुरदासपुर

पंजाब

13,18,967

9,33,323

70.8%

3,819

0.4%

7

डॉ. राजिंदर कुमार

जालंधर

पंजाब

13,39,842

8,99,607

67.1%

2,878

0.3%

10

जसवंत सिंह छापा

संगरूर

पंजाब

12,51,401

9,31,247

74.4%

3,051

0.3%

15

तुलसी राम मिश्रा

लुधियाना

पंजाब

13,09,308

8,46,277

64.6%

866

0.1%

2014 लोकसभा चुनाव

 

स्थान

उम्मीदवार

लोकसभा क्षेत्र

राज्य

मतदाता

वोट पड़े

मतदान %

एसपी वोट

वोट %

19

यूसुफ मोहम्मद

अमृतसर

पंजाब

14,77,262

10,07,196

68.2%

922

0.1%

लोकसभा चुनावों में एसपी के उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी बेहद कमजोर रहा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2009 में बलविंदर सिंह (आनंदपुर साहिब) और सुखवंत शारदा (गुरदासपुर) का रहा, जिन्हें 0.4% वोट मिले। फिर भी, सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी।


प्रमुख रुझान और निष्कर्ष

·         बढ़ती भागीदारी, कोई सुधार नहीं: विधानसभा और लोकसभा दोनों में एसपी ने समय के साथ अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन इसका वोट शेयर और प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं हुआ।

·         नगण्य वोट शेयर: विधानसभा में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन 2.0% (2002) और लोकसभा में 0.4% (2009) रहा, जो बेहद कम है।

·         खराब रैंकिंग: उम्मीदवार अक्सर सबसे निचले स्थानों पर रहे, खासकर 2022 विधानसभा में 15वें और 2014 लोकसभा में 19वें स्थान पर।

·         जमानत खोना: हर चुनाव में सभी उम्मीदवारों ने जमानत खो दी, जो उनके कमजोर प्रदर्शन को और पुष्ट करता है।


निष्कर्ष

1997 से 2022 तक के विधानसभा और 2004 से 2014 तक के लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी का पंजाब में प्रभाव लगभग के बराबर रहा है। पार्टी ने एक भी सीट नहीं जीती, और इसका वोट शेयर हमेशा नगण्य रहा। उम्मीदवारों की खराब रैंकिंग और बार-बार जमानत खोना यह साफ करता है कि पंजाब में एसपी को मतदाताओं का समर्थन नहीं मिला। बढ़े हुए प्रयासों के बावजूद, पार्टी पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत नहीं कर पाई।

 

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